
सिद्धि विनायक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस पर फर्जी बैंक खातों के जरिए छात्रवृत्ति राशि हड़पने के गंभीर आरोप।
सिद्धि विनायक ग्रुप छात्रवृत्ति घोटाला: एक शर्मनाक खुलासा
बरेली के प्रतिष्ठित सिद्धि विनायक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रबंधन पर बड़ा आरोप लगा है कि उन्होंने अपने ही छात्रों की करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति राशि ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (अब PNB) में फर्जी खाते खुलवाकर हड़प ली। यह मामला तब सामने आया जब एक छात्रा ने भोजीपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की। अब यूपी शासन ने इस गंभीर धोखाधड़ी की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
सिद्धि विनायक ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस बरेली के दोहना पीतमराय टोल प्लाजा के पास स्थित है, जहाँ BBA, BCA, B.Tech, MBA, ANM, GNM जैसे कई कोर्सेज पढ़ाए जाते हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने:
- फर्जी बैंक खाते बनवाए: छात्रों के नाम से ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की भोजीपुरा शाखा में गलत खाते खुलवाए।
- सरकारी छात्रवृत्ति हड़पी: समाज कल्याण विभाग से छात्रों के लिए आने वाली करोड़ों की राशि इन खातों में जमा करवाकर गबन कर ली।
- पुलिस और अधिकारियों से सांठगांठ: जब एक छात्रा ने शिकायत की, तो पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की।
आरोपी कौन हैं?
पीड़ित छात्रा ने निम्न लोगों पर आरोप लगाए हैं:
- अनुपम कपूर (मुख्य प्रबंधक)
- अनमोल कपूर (सह-प्रबंधक)
- प्रसन्न जीव भट्टाचार्य (डीन, PGDM)
- प्रदीप कुमार मिश्रा, देवेंद्र उपाध्याय, जितेंद्र पाल सिंह (प्रबंधन टीम)
शासन ने क्या कार्रवाई की?
जब यह मामला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचा, तो उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए। अब एक विशेष जांच कमेटी इस मामले की छानबीन कर रही है। अगर जांच में ये आरोप सही साबित हुए, तो:
✔ कॉलेज प्रबंधन के सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
✔ समाज कल्याण विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों का पर्दाफाश होगा।
✔ बैंक अधिकारियों की लापरवाही सामने आएगी।
कॉलेज प्रबंधन का बयान
कॉलेज के मुख्य प्रबंधक अनुपम कपूर ने कहा:
“हमें अभी तक किसी जांच की जानकारी नहीं है। अगर कोई कमेटी पूछताछ करती है, तो हम पूरा सहयोग देंगे।”
क्या हो सकता है आगे?
- अगर जांच में धोखाधड़ी साबित हुई, तो कॉलेज का रजिस्ट्रेशन रद्द भी हो सकता है।
- ED और CBI भी मामले में दखल दे सकते हैं क्योंकि इसमें सरकारी धन का गबन शामिल है।
- छात्रों को मिल सकती है मुआवजे की राशि अगर उनकी छात्रवृत्ति गबन की गई है।
क्या करें अगर आप भी पीड़ित हैं?
अगर आप या आपके जानने वाले किसी छात्र ने इस कॉलेज में पढ़ाई की है और छात्रवृत्ति नहीं मिली, तो:
- बैंक स्टेटमेंट चेक करें – देखें कि क्या आपके नाम से कोई अज्ञात खाता खुला है।
- जिला प्रशासन या छात्र कल्याण विभाग से शिकायत करें।
- सोशल मीडिया पर #JusticeForSiddhiVinayakStudents ट्रेंड करके मामला उठाएं।
निष्कर्ष
यह मामला शिक्षा संस्थानों में हो रहे वित्तीय घोटालों की एक बड़ी कड़ी है। अगर जांच में सच सामने आता है, तो यह यूपी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी कि वह भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई करती है। छात्रों को सच का इंतजार है!