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बरेली के संजयनगर में लापता मासूम का शव नाले में मिला: लापरवाही से गई मासूम जान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

बरेली जिले के संजयनगर मोहल्ले से तीन दिन पहले लापता हुए नौ वर्षीय मासूम विराट यादव का शव सोमवार को एक खुले नाले में मिला। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस और नगर निगम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है और बच्चे की हत्या की आशंका भी जताई है।

घटना का पूरा विवरण: कैसे लापता हुआ मासूम?

30 मई की शाम को करीब पांच बजे विराट यादव अपने घर के पास खेल रहा था। वह तीन मूर्ति शिव शक्ति मंदिर के पास स्थित अपने घर से कुछ दूरी पर अचानक लापता हो गया। परिजनों ने आसपास के इलाके में उसकी खूब तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। जब सारी कोशिशें बेकार रहीं, तो 1 जून को बारादरी थाने में बच्चे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

CCTV फुटेज से मिला सुराग, लेकिन देरी बनी जानलेवा

पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद ली, जिसमें विराट रेजीडेंसी कॉलोनी की ओर जाते हुए दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस और परिजन मिलकर इलाके में बच्चे को खोजते रहे। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। सोमवार दोपहर को पुलिस को सूचना मिली कि रेजीडेंसी गार्डन कॉलोनी के पीछे नाले में एक बच्चे का शव पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस और परिवार ने शव की पहचान विराट यादव के रूप में की।

खुले नाले ने ली मासूम की जान: लापरवाही या हत्या?

स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि क्षेत्र में कई दिनों से सीवर लाइन खुली पड़ी थी। अगर समय रहते उसे ढक दिया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था। कुछ लोगों ने यह भी संदेह जताया है कि विराट की हत्या कर शव को नाले में फेंका गया है।

बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

क्षेत्रीय जनता में आक्रोश, नगर निगम और प्रशासन पर उठे सवाल

घटना के बाद संजयनगर और आसपास के क्षेत्रों में शोक और गुस्से का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि सभी खुले नालों को तुरंत ढकवाया जाए और बच्चों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

परिजनों ने यह भी कहा कि पुलिस ने शुरुआत में उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। यदि पहले दिन से सही तरीके से प्रयास होते, तो शायद विराट की जान बच सकती थी।


निष्कर्ष: एक सवाल – मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन?

बरेली के संजयनगर में हुई इस घटना ने न केवल प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कब तक मासूम इस तरह असावधानी का शिकार होते रहेंगे। अब देखना यह होगा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच इस दुखद हादसे की गहराई तक जाकर सच्चाई सामने ला पाती है या नहीं।