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बरेली कोर्ट ने POCSO व IPC के गंभीर आरोपों से अभियुक्त को दोषमुक्त किया, एडवोकेट सतीश गंगवार ने जीती बड़ी कानूनी लड़ाई

एडवोकेट सतीश गंगवार

बरेली, 12 अगस्त 2025: माननीय ADJ प्रथम, बरेली ने आज एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अभियुक्त बब्लू को धारा 376 (बलात्कार), 354 (लज्जा भंग करना), 504 (आपराधिक धमकी) भारतीय दंड संहिता (IPC) और POCSO अधिनियम की धारा 8 के सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। यह मामला थाना फरीदपुर, बरेली से संबंधित था, जिसमें अभियुक्त के वकील एडवोकेट सतीश गंगवार ने अपने कुशल पैरवी और सबूतों की कमजोरियों को उजागर करते हुए न्यायालय को अभियुक्त के पक्ष में फैसला देने के लिए प्रभावित किया।

मामले की मुख्य जानकारी:

  • अदालत: ADJ प्रथम, बरेली
  • आरोप: IPC की धारा 376, 354, 504 और POCSO अधिनियम की धारा 8
  • बहस की तारीख: 5 अगस्त 2025
  • फैसले की तारीख: 12 अगस्त 2025
  • परिणाम: अभियुक्त को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया।

एडवोकेट सतीश गंगवार की कानूनी रणनीति:

एडवोकेट सतीश गंगवार ने इस मामले में सबूतों की कमियों, गवाहों के बयानों में विसंगतियों और कानूनी प्रक्रिया में हुई त्रुटियों को सामने रखकर अदालत को यह समझाने में सफलता प्राप्त की कि अभियुक्त के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उनकी मेहनत और कानूनी विशेषज्ञता ने ही इस मामले में न्याय सुनिश्चित किया।

एडवोकेट सतीश गंगवार का अनुभव:

वकील सतीश गंगवार ने मुंबई की कई कॉर्पोरेट कंपनियों के साथ काम किया है और अब उत्तर प्रदेश की अदालतों में भी अपनी कानूनी दक्षता का परिचय दे रहे हैं। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही कानूनी सहायता मिलने पर न्याय प्रक्रिया में निर्दोष लोगों को बचाया जा सकता है।

निष्कर्ष:

यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि भारतीय न्याय प्रणाली में “निर्दोष तब तक दोषी नहीं, जब तक अपराध साबित न हो” का सिद्धांत मायने रखता है। एडवोकेट सतीश गंगवार की मेहनत ने न केवल एक निर्दोष व्यक्ति को न्याय दिलाया, बल्कि कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता का भी संदेश दिया है।

(यह खबर कानूनी जानकारी के आधार पर तैयार की गई है और इसे केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रकाशित किया जा रहा है)