

देहरादून, राजकुमार केसरवानी – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य आपदा परिचालन केंद्र (SDOC) से उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश और अतिवृष्टि की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर बारिश से हो रही समस्याओं, सड़कों की हालत, चारधाम यात्रा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश
1. 24×7 अलर्ट रहने का आदेश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दौरान वे पूरी तरह सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनियों को तुरंत जनता तक पहुँचाया जाए, ताकि जान-माल के नुकसान से बचा जा सके।
2. सड़कों की त्वरित मरम्मत और भूस्खलन प्रबंधन
- बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द से जल्द ठीक करने के आदेश दिए गए।
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन वाले जोखिम वाले स्थानों पर राहत उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
- ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बाधित न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।
3. चारधाम यात्रा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा
- चारधाम यात्रियों को नियमित मौसम अपडेट दिए जाने का आदेश दिया गया।
- बारिश के कारण यातायात प्रभावित होने पर श्रद्धालुओं के लिए ठहरने, भोजन और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
4. बाढ़ और जलभराव की रोकथाम
- नदियों के बढ़ते जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
- शहरी क्षेत्रों में जलभराव न हो, इसके लिए नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई का आदेश दिया गया।
5. आपातकालीन तैयारियाँ
- पर्वतीय जिलों में खाद्यान्न, दवाइयों और अनिवार्य सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया।
- बिजली के तारों और पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराने पर जोर दिया गया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी आनंद स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।