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आईवीआरआई वैज्ञानिक से 1.29 करोड़ की साइबर ठगी: कैसे हुआ धोखा और क्या है सावधानियां?

बरेली के एक रिटायर्ड वैज्ञानिक से साइबर ठगों ने 1.29 करोड़ रुपये ठग लिए। जानें कैसे काम करता है यह गिरोह और कैसे बचें ऐसी धोखाधड़ी से।


साइबर ठगी का बड़ा मामला: वैज्ञानिक को ठगे 1.29 करोड़

हाल ही में बरेली और लखनऊ एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े साइबर ठगी केस का खुलासा हुआ है। इस मामले में आरोपियों ने आईवीआरआई (Indian Veterinary Research Institute) के एक रिटायर्ड वैज्ञानिक शुकदेव नंदी को 1.29 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया। यह केस साइबर ठगी के नए तरीकों और सावधानी की जरूरत को उजागर करता है।

कैसे हुई ठगी?

  • फर्जी वीडियो कॉल और धमकी: ठगों ने खुद को सीबीआई और बेंगलुरु पुलिस का अधिकारी बताया और वीडियो कॉल पर पीड़ित को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाया।
  • झूठे आरोप: पीड़ित को बताया गया कि उनके आधार कार्ड से फर्जी सिम कार्ड बनवाकर मानव तस्करी और जॉब फ्रॉड किया जा रहा है।
  • पैसे ट्रांसफर करवाए: डर के मारे पीड़ित ने तीन अलग-अलग बैंक खातों में 1.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
  • क्रिप्टोकरेंसी में बदला पैसा: ठगों ने इस रकम को 125 फर्जी खातों में घुमाकर क्रिप्टोकरेंसी (Bitcoin, Ethereum आदि) में बदल दिया, ताकि पैसे का पता न चल सके।

गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?

पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो लखनऊ और गोंडा के रहने वाले हैं:

  1. सुधीर कुमार चौरसिया (लखनऊ) – B.Com
  2. रजनीश द्विवेदी (गोंडा) – B.A.
  3. श्याम कुमार वर्मा (लखनऊ) – B.A.
  4. महेन्द्र प्रताप सिंह (लखनऊ) – B.Sc

इनके पास से 6 मोबाइल फोन, 4 चेकबुक और 6 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।

साइबर ठगी से कैसे बचें?

  1. अनजान कॉल/मैसेज पर भरोसा न करें – कोई भी सरकारी अधिकारी फोन पर पैसे मांगने नहीं आता।
  2. वीडियो कॉल पर पहचान की पुष्टि करें – किसी भी अधिकारी का ID कार्ड और आधिकारिक नंबर चेक करें।
  3. कभी भी अंजान खाते में पैसे न ट्रांसफर करें – बैंक या पुलिस कभी भी खाते में पैसे मांगकर फ्रॉड नहीं करती।
  4. क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन पर संदेह करें – ठग अक्सर पैसा क्रिप्टो में बदलकर गायब कर देते हैं।
  5. तुरंत पुलिस में शिकायत करें – अगर आपको लगता है कि आप ठगी के शिकार हो रहे हैं, तुरंत साइबर सेल (1930) पर संपर्क करें।

निष्कर्ष

यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को फंसा रहे हैं। अगर आपको कोई भी अनजान व्यक्ति सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और पुलिस से संपर्क करें।