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कैलाश मानसरोवर यात्रा का नया आकर्षण: मानसखंड मंदिरमाला के दिव्य दर्शन

उत्तराखंड सरकार और केंद्र की संयुक्त पहल से धार्मिक पर्यटन को मिली नई गति

पिथौरागढ़ (राजकुमार केसरवानी): कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए अब एक नया आध्यात्मिक अनुभव जुड़ गया है। भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार की संयुक्त पहल से विकसित मानसखंड मंदिरमाला के दर्शन कर यात्री दिव्य आनंद की प्राप्ति कर रहे हैं। इस योजना के तहत कुमाऊं क्षेत्र के प्राचीन मंदिरों को एक सर्किट से जोड़कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मानसखंड मंदिरमाला: क्या है खास?

मानसखंड मंदिरमाला उत्तराखंड सरकार की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसमें कुमाऊं मंडल के प्रमुख धार्मिक स्थलों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत आने वाले प्रमुख मंदिर हैं:

  • पाताल भुवनेश्वर गुफा मंदिर – भूमि के नीचे स्थित रहस्यमयी गुफा मंदिर।
  • हाट कालिका मंदिर (गंगोलीहाट) – माँ काली का प्रसिद्ध शक्तिपीठ।
  • जागेश्वर धाम – 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाने वाला पावन स्थल।
  • चितई गोलू देवता मंदिर – न्याय के देवता के रूप में प्रसिद्ध।

इन मंदिरों की वास्तुकला, धार्मिक महत्व और आध्यात्मिक वातावरण यात्रियों को एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है।

धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा

उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य इस परियोजना के माध्यम से:
✔ तीर्थयात्रियों के लिए सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा मार्ग तैयार करना।
✔ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करना।
✔ कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाना।

यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएँ

  • बेहतर सड़क मार्ग: मंदिरों तक पहुँचने के लिए सुगम यातायात व्यवस्था।
  • डिजिटल सुविधाएँ: स्मार्टफोन एप्स और इंफोर्मेशन बोर्ड्स के माध्यम से मार्गदर्शन।
  • सुरक्षा एवं स्वच्छता: यात्रियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ और सुरक्षा प्रबंधन।

यात्रियों ने व्यक्त किए अपने अनुभव

कैलाश मानसरोवर यात्रा पर आए श्रद्धालुओं ने मानसखंड मंदिरमाला के दर्शन को “अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव” बताया। उन्होंने उत्तराखंड सरकार और जिला प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।

निष्कर्ष: उत्तराखंड बनेगा भारत का प्रमुख तीर्थ स्थल

मानसखंड मंदिरमाला परियोजना न केवल धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार और कारीगरों को भी लाभ पहुँचाएगी। यह उत्तराखंड को भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शीर्ष पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।