

राजकुमार केसरवानी
देहरादून
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य के युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कौशल विकास और श्रम विभाग की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए, जिनका उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर स्वावलंबी बनाना है।
मुख्यमंत्री ने दिए युवाओं के लिए बड़े निर्देश
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वय बनाकर युवाओं को कौशल विकास से जोड़ें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर और मिस्त्री जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था की जाए। साथ ही, उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे प्रशिक्षण केंद्र
- सभी जिलों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी।
- प्रशिक्षण केंद्रों में स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक मशीनें और प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी।
- “स्किल ऑन व्हील्स” वैन के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
महिलाओं और बाल श्रम मुक्ति पर विशेष फोकस
- स्वरोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष कौशल विकास केंद्र खोले जाएंगे।
- बाल श्रम उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा और पुनर्वास योजना बनाई जाएगी।
विदेशों में रोजगार के लिए युवाओं को तैयार किया जाएगा
- हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में विदेशी नौकरियों के लिए युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- दून विश्वविद्यालय के साथ मिलकर विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आईटीआई में उद्योग-लिंक्ड प्रशिक्षण
बैठक में बताया गया कि राज्य के 27 आईटीआई में अब छात्रों को दो साल के कोर्स में एक साल का प्रशिक्षण उद्योगों में दिया जाएगा। इससे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
10 दिनों में तैयार होगी कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने कौशल विकास विभाग को 10 दिनों के भीतर एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, जिसमें प्रतिवर्ष कितने युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, इसका स्पष्ट लक्ष्य होगा।
इस बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव श्रीधर बाबू अदांकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।