

रिपोर्टिंग-राजीव कुमार मौर्या, बरेली
बरेली, उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली के विकास और शांति पर जोर देते हुए कहा कि अब इस शहर को “दंगाग्रस्त” नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि बरेली अब “नाथ कॉरिडोर” के रूप में नई पहचान बना चुका है और यहां विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।
बिना भेदभाव के विकास की नीति
सीएम योगी ने बरेली कॉलेज मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सरकार जाति, धर्म या भाषा के आधार पर भेदभाव किए बिना सभी को विकास का लाभ पहुंचा रही है। उन्होंने कहा,
“पिछली सरकारें वोटबैंक की राजनीति करके समाज को बांटती थीं, लेकिन हमारी सरकार सभी को समान अवसर दे रही है। अब नए भारत में भेदभाव नहीं, बल्कि समृद्धि और सद्भाव है।”
2017 के बाद बदला बरेली का चेहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले बरेली दंगों के लिए कुख्यात था, लेकिन अब यह शहर शांति और विकास की मिसाल बन चुका है। उन्होंने सावन माह में शांतिपूर्वक आयोजित कांवड़ यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि अब बरेली में साम्प्रदायिक सौहार्द कायम है।
नाथ कॉरिडोर से जुड़ी बरेली की नई पहचान
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बरेली अब “नाथ कॉरिडोर” के रूप में प्रसिद्ध हो रहा है, जहां सात प्रमुख नाथ मंदिरों का धार्मिक महत्व बढ़ा है। उन्होंने कहा,
“यह वही बरेली है जो कभी दंगों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यहां विकास और धार्मिक पर्यटन नई ऊर्जा लेकर आया है।”
322 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और 223 का लोकार्पण
इस दौरान सीएम योगी ने 322 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और 223 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और प्रतीकात्मक चाबियां भी वितरित कीं।
निष्कर्ष:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बरेली दौरे ने साबित कर दिया कि अब यह शहर दंगों की बजाय विकास और धार्मिक सद्भाव के लिए जाना जाएगा। उनकी सरकार की नीतियों ने बरेली को एक नई दिशा दी है, जिससे यहां के निवासियों को बेहतर भविष्य की उम्मीद है।