
शिक्षक रजनीश गंगवार के कांवड़ गीत प्रकरण में कुर्मी क्षत्रिय सभा उनके समर्थन में आगे आई है। संगठन ने रविवार को हुई बैठक में इस मामले को एक साजिश बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षक की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया है और यह मामला दुर्भावनापूर्ण सोच का परिणाम है।
संगठन के पदाधिकारियों के तर्क:
- उपाध्यक्ष रघुवीर सिंह गंगवार और प्रेम शंकर गंगवार ने कहा कि शिक्षक बच्चों को समझा रहे थे, लेकिन कुछ संगठनों ने इसे अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।
- कोषाध्यक्ष आलोक गंगवार ने आरोप लगाया कि वीडियो पहले से रिकॉर्ड करके वायरल किया गया, जबकि रजनीश ईमानदारी से अपना कार्य कर रहे थे।
- महामंत्री आरसी लाल, मूलचंद गंगवार और ऑडिटर मनोज बाबू गंगवार ने सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां और धमकी देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों ने किया सम्मान:
रजनीश गंगवार के गांव पुरैना (पीलीभीत) में उनके स्वागत में ग्रामीणों ने उन्हें सम्मानित किया। गांव वालों ने कहा कि वे अपने बच्चों को रजनीश की तरह शिक्षित बनाना चाहते हैं। इस मौके पर आम आदमी पार्टी (AAP) के तिरंगा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष जनक प्रसाद सहित कई लोग मौजूद रहे।
निष्कर्ष:
इस पूरे मामले में कुर्मी क्षत्रिय सभा ने शिक्षक रजनीश का पक्ष लेते हुए इसे राजनीतिक या सामाजिक षड्यंत्र बताया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।