वृक्षारोपण: पर्यावरण संरक्षण की ओर एक कदम – सीमान्त मुख्यालय रानीखेत की पहल

रिपोर्ट: राजकुमार केसरवानी
रानीखेत, उत्तराखंड

रानीखेत, उत्तराखंड – प्रकृति और मानव जीवन का अटूट संबंध है। पेड़-पौधे न केवल हमें शुद्ध हवा देते हैं बल्कि जलवायु परिवर्तन को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी दिशा में सीमान्त मुख्यालय रानीखेत ने नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत के साथ मिलकर एक विशाल वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें 260 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

वृक्षारोपण कार्यक्रम का विवरण

  • स्थान: नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत, रानीखेत
  • तिथि: 20 जुलाई 2025
  • लगाए गए पौधे: देवदार, बाज, माल्टा, तेजपत्ता, काफल, रीठा सहित कुल 260 पौधे
  • उद्देश्य: पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाना और जल संचयन को बढ़ावा देना

कार्यक्रम में शामिल प्रमुख व्यक्ति

  • कमांडेंट जयंत कुमार शर्मा (सशस्त्र सीमा बल, रानीखेत)
  • प्राचार्या रेशमा महेरा (नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत)
  • 530 छात्र-छात्राएं एवं सीमा बल के जवान

वृक्षारोपण का महत्व

पेड़ हमारे जीवन का आधार हैं। आज जब पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से जूझ रही है, तब वृक्षारोपण की अहमियत और बढ़ जाती है।

पेड़ों के लाभ:

वायु शुद्धिकरण – पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड लेकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं।
मिट्टी का संरक्षण – जड़ें मिट्टी को बहने से रोकती हैं।
जल संरक्षण – पेड़ भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं।
जैव विविधता – पक्षियों और जानवरों को आश्रय मिलता है।
स्वास्थ्य लाभ – हरियाली तनाव कम करती है और मानसिक शांति देती है।

कैसे आप भी कर सकते हैं योगदान?

  • घर, स्कूल या सार्वजनिक स्थानों पर पौधे लगाएं।
  • जल संरक्षण के उपाय अपनाएं।
  • प्लास्टिक का उपयोग कम करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।

निष्कर्ष

सीमान्त मुख्यालय रानीखेत और नवोदय विद्यालय ताड़ीखेत का यह प्रयास साबित करता है कि छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव ला सकती हैं। अगर हम सभी मिलकर पर्यावरण संरक्षण के लिए कदम उठाएं, तो एक हरा-भरा और स्वच्छ भविष्य संभव है।



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