बरेली कॉलेज विवाद: एबीवीपी नेता से मारपीट पर बवाल, सछास जिलाध्यक्ष समेत 18 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

📰 बरेली कॉलेज विवाद: एबीवीपी नेता से मारपीट पर बवाल, सछास जिलाध्यक्ष समेत 18 के खिलाफ मुकदमा दर्ज

बरेली | 20 जून 2025
बरेली कॉलेज में छात्र राजनीति का माहौल एक बार फिर गरमा गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के महानगर मंत्री आनंद कठेरिया से मारपीट और जातिसूचक गालियों के मामले में समाजवादी छात्रसभा (सछास) के जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा समेत 18 लोगों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।


✅ 14 जून को हुआ था हमला, धारदार हथियार और तमंचों से लैस थे हमलावर

आनंद कठेरिया ने बताया कि वह 14 जून को बरेली कॉलेज के पूर्वी गेट पर खड़े थे, तभी कार और बाइक से पहुंचे लगभग 15 युवक उन्हें घेरकर जातिसूचक गालियां देने लगे और धमकियां देने लगे। आरोप है कि हमलावरों के हाथ में तमंचे और धारदार हथियार थे।

इस दौरान छात्र नेता निखिल राजपूत ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि “तू हमें दलाली करने से रोकेगा?” वहीं सछास जिलाध्यक्ष अविनाश मिश्रा ने धमकी दी – “तू हमारी बराबरी करने लायक नहीं है, तुझे जान से मार देंगे।”
अनिकेत शर्मा उर्फ लल्ला, जो महाकाल सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, ने भी तमंचा लहराते हुए जान से मारने की धमकी दी।


🛑 एबीवीपी का थाने में प्रदर्शन, पुलिस ने दबाव में दर्ज की FIR

शुरुआत में थाना बारादरी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे नाराज एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को थाने का घेराव किया और नारेबाजी की।
एफआईआर दर्ज न होने पर कार्यकर्ताओं ने धरने की चेतावनी दी।

थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर 18 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है।


🚨 सछास का पलटवार – “यह सत्ता के दबाव में रची गई साजिश”

इस पूरे मामले पर अविनाश मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा:

“मेरे खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह सब सत्ता पक्ष और एबीवीपी की बौखलाहट का नतीजा है। हम कानूनी और जनआंदोलन, दोनों स्तरों पर जवाब देंगे।”


🏫 कॉलेज प्रशासन सक्रिय, चीफ प्रॉक्टर पहुंचे एसएसपी कार्यालय

बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे ने गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचकर छात्र संगठनों से जुड़े अराजक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
एसपी ऑफिस में मौजूद अधिकारियों ने उन्हें उचित जांच और शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिया।


🔍 निष्कर्ष:

बरेली कॉलेज में छात्र राजनीति की आड़ में हिंसा, जातिवाद और राजनीतिक दखल चिंता का विषय बन गया है। पुलिस और कॉलेज प्रशासन की जवाबदेही इस मामले की निष्पक्ष जांच में सबसे महत्वपूर्ण साबित होगी।



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